Full Form

Physics Ka Full Form In Hindi – भौतिक विज्ञान क्या है?

हेलो दोस्तो कैसे हो आप लोग उम्मीद करता हूं आप सब अच्छे होंगे। आप सभी को HindiMePro वेबसाइट में स्वागत है। इसी पोस्ट में आपको भौतिक विज्ञान क्या है, फिजिक्स क्या है, फिजिक्स की परिभाषा इन हिंदी, फिजिक्स का हिंदी क्या होता है,Physics Ka Full Form, भौतिक जगत क्या है, Physics Ka Full Form In Hindi, भौतिकी का अर्थ, भौतिक की परिभाषा इन सबके बारे में बताया है जानने के लिए इस पोस्ट को लास्ट तक पढ़िए।

भौतिक विज्ञान क्या है?

फिजिक्स का हिन्द अर्थ है भौतिक विज्ञान। जब हम अपने आसपास की चीजों को देखते हैं तो बहुत सारे सबाल हमारे दिमाग में होते हैं। इन सभी सवालों के जवाब हमें फिजिक्स देती हैं।

आपने रसायन शास्त्र और जीवविज्ञान के बारे में सुना होगा। रसायन शास्त्र हमें चीजों के परिणामों के बारे में बताता है और जीव विज्ञान जीवन के प्रक्रियाओं के अध्ययन से संबंधित है लेकिन केवल भौतिक विज्ञान ही हमें बताती है कि चीजें कैसे काम करती हैं।

जब आप सड़क पर चल रहे कार को देखते हैं तो आपके मन में सबाल आता है कि ये कार रोड पर कैसे चलती है और इसका कार इंजन कैसे काम करता है और एक छोटी ब्रेक पेडल पूरी कार को कैसे रोकती है। इन सभी सवालों के जवाब फिजिक्स है।

फिजिक्स हमें बताती है कि चीजें कैसे काम करती हैं। फिजिक्स हमें मदद करता है प्रकृति और ब्रह्माण्ड की अवधारणा को समझने में। आकाश गंगा से लेकर छोटे परमाणु तक इन सभी को हम फिजिक्स के द्वारा समझ सकते हैं।

फिजिक्स टर्म को ग्रीक शब्द सुसाइड से लिया गया है जिसका अर्थ है प्रकृति और इसका अध्ययन। उर्जा, बल, प्रकाश और समय सभी बहुत बुनियादी मौलिक अवधारणाएं हैं जिन्हें हम फिजिक्स में पढ़ते हैं। प्रकृति को समझने में भी फिजिक्स का बहुत बड़ा योगदान है। ब्रह्माण्ड की सबसे जटिल चीजों और सबसे आसान चीजों को हम फिजिक्स का उपयोग करके समझ सकते हैं।

भौतिकी हमें बताती है कि गुरुत्वाकर्षण क्या है और गुरुत्वाकर्षण कैसे काम करता है। क्यों रॉकेट कभी जलती हुई ईंधन के बिना अंतरिक्ष में नहीं जा सकते हैं। कार सड़क पर कैसे जाती है और विमान हवा में कैसे उड़ता है। आपने कई प्रसिद्ध भौतिकविदों जैसे सर आइजक न्यूटन और उनके नियम न्यूटन फोर्स के बारे में सुना होगा जोकि बल, त्वरण, और द्रव्यमान के बारे में है। यह समीकरण हमें समझने में मदद करता है कि बल या फोर्स कैसे काम करता है और एक अन्य प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी सरल बटालियन स्टीन हैं आइंस्‍टीन को भौतिक विज्ञान का पिता भी कहा जाता है।

ऊर्जा द्रव्यमान समीकरण इनका सबसे लोकप्रिय समीकरण है जो कि द्रव्यमान और ऊर्जा के बीच संबंध दिखाता है। ये सभी भौतिकी समीकरण हमें चीजों को समझने और उन्हें सुधारने में मदद करते हैं। आज फिजिक्स की मदद से हम अपने ब्रह्माण्ड को समझ रहे हैं। उदाहरण के लिए हम मोबाइल को देखते हैं जो कि फिजिक्स का ही देन है। आज के आधुनिक रॉकेट सन् परीक्ष में जा सकता है और फिर पृथ्वी पर वापस लौट सकता है। हम इन सभी को भौतिक के बिना कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। और यही फिजिक्स की पहचान है।

क्वांटम फिजिक्स क्या है?

हमारी यूनिवर्स से जुडी कुछ बातें समझना हमारे लिए अब आसान है जैसे जानदार का निकलना सूरज का अस्त होना आकाशगंगा का दिखना और ग्रह का चमकना। लेकिन इसके अलावा भी हमारी यूनिवर्स में ऐसा बहुत कुछ है जिसकी खोज भले ही कर ली गई हो लेकिन उसे समझना और समझ पाना अभी तक आसान नहीं हुआ है। ऐसा ही एक फील्ड ऑफ कन्फ्यूजन है क्वांटम फिजिक्स जिसका इस्तेमाल हमारी डेली लाइफ में होता है और ब्रम्हांड में भी लगातार इसका उपयोग होता रहता है।

क्वांटम फिजिक्स। फिजिक्स का वो पाठ है जिसमें बहुत स्माल पार्टिकल्स जैसे मॉलिक्यूल्स एडवांस इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन और न्यूट्रॉन जैसे सभी एटॉमिक पार्टिकल्स को डिस्क्राइब किया जाता है। क्वांटम फिजिक्स 20वीं शताब्दी का सबसे इंपॉर्टेंट और इंटरेस्टिंग सिद्धांत था। इसे क्वांटम मैकेनिक्स और क्वांटम फील्ड थ्योरी भी कहा जाता है।

और दोस्तों अब जानते हैं कि क्वांटम फिजिक्स की खोज कब और कैसे हुई। 14 सितंबर 1900 को मैक्स प्लांक ने क्वांटम फिजिक्स की नींव डाली थी। उन्होंने ब्लैक बॉडी रेडियेशन पर रिसर्च करके ये परिकल्पना दी कि प्रकाश और अन्य विद्युत चुम्बकीय विकिरण ऊर्जा का सतत प्रवाह न होकर ऊर्जा के छोटे छोटे पैकेट के रूप में चलता है। क्वांटम फिजिक्स को स्थापित करने के लिए प्लांक को नोबेल प्राइज से भी सम्मानित किया गया था। इस हाइपो थीसिस ने फिजिक्स वर्ल्ड में तहलका मचा दिया और इसी हाइपर थीसिस का इस्तेमाल करके ही आइंस्टीन ने प्रकाश विद्युत प्रभाव एक्सपेंड किया था।

दोस्तो आप जानते हैं क्वांटम क्या है। मैक्स प्लांक द्वारा बनाए गए ऊर्जा के छोटे छोटे पैकेट्स को क्वांटम कहते हैं और क्वांटम की ऊर्जा निश्चित होती है और केवल प्रकाश की आवृति पर निर्भर करती है। इसका फॉर्मूला था -E=hv जहां ऐज प्लांक नियतांक तथा वी आवृति क्वांटम फिजिक्स हमारी डेली लाइफ में किस तरह यूज होती है। हमारे चारों ओर जो भी कुछ घटित होता है उसमें क्वांटम फिजिक्स का हाथ होता है।

जिस टोस्टर में आप ब्रेड सेकते हैं वह क्वांटम फिजिक्स की बदौलत ही बन पाए है। पूरा कंप्यूटर वर्ल्ड क्वांटम फिजिक्स पर ही बेस्ड है यानी अगर क्वांटम फिजिक्स की खोज न होती और साइंटिस्ट ने इसे समझा न होता तो आज हमारे पास कंप्यूटर ही नहीं होते मोबाइल फोन भी क्वांटम फिजिक्स की ही देन है। ट्रांजिस्टर माइक्रोस्कोप और लेजर भी क्वांटम फिजिक्स की बदौलत ही हमारे पास हैं। डिजिटल कैमरा और लाइट एमिटिंग डायोड एलईडी भी क्वांटम फिजिक्स से ही रिलेटेड हैं। टेलीकम्युनिकेशन को आसान बनाने में भी क्वांटम फिजिक्स का ही हाथ है। आज की जरूरत बन चुके जीपीएस ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम को भी क्वांटम फिजिक्स ने ही इजाद किया है। मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग एमआरआई भी क्वांटम फिजिक्स की बदौलत ही पॉसिबल हो पाई है। न्यूक्लियर पावर प्लांट भी क्वांटम फिजिक्स की ही देन है। इतने सारे इम्पॉर्टेंट अधिक विश्वास के पीछे क्वांटम फिजिक्स है। ये जानने के बाद आप समझ गए होंगे कि क्वांटम फिजिक्स हमारी लाइफ में बहुत इम्पॉर्टेंट रोल प्ले करती है।

आज हमने क्या सीखा

आज ki पोस्ट में हमने भौतिक विज्ञान क्या है, Physics Ka Full Form In Hindi, क्वांटम फिजिक्स क्या है बारे में सीखा। में उम्मीद करता हूं ये पोस्ट आपको अच्छा लगा होगा अच्छा लगा हो तो इस पोस्ट को आप अपनी दोस्तो के साथ जरूर शेयर कर देना उनको भी पता चले की भौतिक विज्ञान के बारे में। जय हिन्द।

About the author

Avatar

Mantu Sing

Hi, I'm Mantu Sing, में hindimepro.in वेबसाइट का संस्थापक और लेखक भी हूं। में इस वेबसाइट में जीबनी परिचय, फुल फॉर्म के बारे में पोस्ट लिखता हूं।

Leave a Comment