मुद्रा क्या है – दोस्तो आज मैं एक ऐसे टॉपिक पर बात करने जा रहा हूं जो कि हमारी डेली लाइफ का एक बहुत ही इम्पॉर्टेंट के साथ है और वो है money जिसे हिंदी में हम बोलते हैं मुद्रा।

चाहे कुछ खरीदना हों या किसी को पैसे देने हों सब कुछ जो भी हम करते हैं वो मनी से ही करते हैं। तो आज मैं आपको बताऊंगा कि आखिर होता क्या है मनी मुद्रा किसे कहते हैं क्या है इसका इतिहास।

मुद्रा क्या है हिंदी मे?

मुद्रा पैसा या धन का वह रूप होता है जिसे आप सभी प्रकार के लेन देन करते हैं।

मुद्रा व शक्तिशाली वस्तु है जो सभी प्रकार के लेन देनों में भुगतान के माध्यम के रूप में सभी को स्वीकार्य होती है।

मुद्रा उस वस्तु को कही जाती है जो सर्बमान हो सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त हो और उससे क्रय विक्रय का कार्य किये जा रहे हैं तो उसे मुद्रा के नाम से पुकारा जाता है।

जैसे रुपया डॉलर टाका पाउंड आदि मुद्रा है। किसी देश में प्रयाग किये जाने वाली मुद्रा उस देश की सरकारी व्यवस्था द्वारा बनाई जाती है।

मुद्रा का इतिहास

मुद्रा अंग्रेजी भाषा के शब्द मनी का हिंदी रूपांतरण है। मनी शब्द लैटिन भाषा के मोनिटर शब्द चुन लिया गया है। मोनिटर रोम की देवी जूनो का प्रारंभिक नाम है। इस देवी को इटली के निवासी ने स्वर्ग की रानी मानते थे।

इस देवी के मंदिर में ही सिक्के की ढलाई का कार्य किया जाता था। कहा जाता है कि देवी जूनो के मंदिर में जो मुद्राएं बनाई जाती थीं उनका नाम मोनेट रखा गया। जो बाद में मनी यानी मुद्रा के रूप में लोकप्रिय हो गया।

मुद्रा का अर्थ क्या है?

मुद्रा का अर्थ केवल कागज के नोट या सिक्के नहीं हैं जिनका निर्गमन केन्द्रीय बैंक तथा सरकार करती है बल्कि वे सभी वस्तुएं इसके अंतर्गत आती हैं जो भुगतान के रूप में सामान्यत स्वीकार की जाती हैं।

साधारण शब्दों में कहा जाए तो मुद्रा वह वस्तु है जिसे विनिमय के माध्यम मूल्य के मापक ऋणों के भुगतान मूल्यों के संचय एवम हस्तांतरण के साधन के रूप में लोगों द्वारा स्वीकार किया जाता है।और जिसे सरकारी मान्यता प्राप्त है। इस दृष्टि से मुद्रा के अंतर्गत धातु मुद्रा पत्र मुद्रा एवं साख मुद्रा को शामिल किया जाता है।

उदाहरण के तौर पर यदि यह कहा जाए कि कोई भी व्यक्ति यदि बाजार से कोई भी सामान क्रय करता है। इसका मतलब खरीद ता है इस का मतलब वह इस क्रय किए गए सामान का भुगतान कई तरीकों से कर सकता है जिसमें चेक क्रेडिट कार्ड नगद इत्यादि शामिल हैं और ये सभी मुद्रा के प्रकार हैं।

मुद्रा के प्रकार

तो चलिए हम जानते हैं कि मुद्रा के कितने प्रकार होते हैं तो सबसे पहला प्रकार है मुद्रा का वो है वैज्ञानिक मुद्रा जिसे हम इंग्लिश में बोलते हैं लीगल मनी।

वैज्ञानिक मुद्रा व मुद्रा होती है जिसे एक देश विशेष में भुगतान के आधार के रूप में राज्य द्वारा मान्यता प्राप्त होती है।

कोई भी व्यक्ति इसे अस्वीकार नहीं कर सकता क्योंकि इसे स्वीकार न करना अपराध माना जाता है। इसका निर्गमन सरकार या रिजर्व बैंक द्वारा किया एवं एक विधान के अंतर्गत किया जाता है जिसे केंद्रीय बैंक धारक को उतनी रकम अदा करने का वचन देता है।

तो जो दूसरा प्रकार है मुद्रा का वो है साख मुद्रा जिसे हम बोते हैं क्रेडिट मनी। साफ मुद्रा वह मुद्रा है जब कोई व्यक्ति प्रतिज्ञा पत्र चैक विनिमय में पत्र अथवा बैंक ड्राफ्ट आदि के माध्यम से किसी क्रय की की गई वस्तु का भुगतान करता है। इस मुद्रा का प्रचलन व्यक्तिगत एवं व्यापारिक बैंकों द्वारा किया जाता है।

जो तीसरा प्रकार है मुद्रा का वो है सन्निकट मुद्रा सन्निकट मुद्रा एक ऐसी मुद्रा होती है जिनमें तरलता के गुण होने के बाद भी उन्हें स्पष्ट रूप से मुद्रा के रूप में प्रयुक्त नहीं किया जा सकता। जैसे बांस सरकारी प्रतिभूतियां ऋण पत्र कंपनी के शेयर इत्यादि।

मुद्रा की परिभाषा

अनेक शास्त्रियों ने अलग अलग तरह से मुद्रा परिभाषित किया है। अनेकों अर्थशास्त्री ने इसे परिभाषित करने का प्रयास किया है लेकिन एक भी परिभाषा सर्वमान्य नहीं है लेकिन उसमें से जो प्रमुख परिभाषाएँ हैं वे प्रमुख अर्थशास्त्री द्वारा मुद्रा के संबंध में विचार दिए गए हैं उसमें से कुछ को हम आपको बता रहे हैं।

प्रोफेसर हार्ट ले विट्स के अनुसार मुद्रा वो है तो मुद्रा का काम करती है।

दूसरा अर्थ शास्त्री नैप के अनुसार कोई भी वस्तु जो राज द्वारा मुद्रा घोषित की जाती है उसे मुद्रा कहा जाता है।

तीसरा शास्त्री सेलिग मेन के अनुसार मुद्रा वो बस्तु है जिसे समूह स्वीकृति प्राप्त है। इस तरह से हमने फिर अर्थशास्त्र के अनुसार भी मुद्रा क्या है उसको बताने का प्रयास किया। शायद इस छोटा सा प्रयास से अब मुद्रा क्या है वो समझ गया हो।

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आखिरी बात

तो मेने आपको बताया है की मुद्रा क्या है, मुद्रा का अर्थ क्या है, मुद्रा के इतिहास के बारे मे उम्मीद करता हूं ये पोस्ट आपको अच्छा लगा हो और आपको इसी पोस्ट से आपको पूरी जानकारी मिला हो जो आप जानना चाहते हो।

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