Updated On June 17th, 2021

आपको Hindimepro वेबसाइट में स्वागत है। इस पोस्ट में मेने एमडी कर्स क्या होता है, एमडी बनने के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया क्या होना चाइये, एमडी का फुल फॉर्म क्या होता है, MD Ful Form In Hindi, एमडी का पूरा नाम क्या होता है, एमडी की सैलरी कितनी होती है, एमडी स्पेशलाइजेशन बारे में बताया है।

एमडी कर्स क्या होता है?

एमडी की फुल फार्म होती है डॉक्टर ऑफ मेडिसिन और ये एक पोस्ट ग्रैजुएट स्पेशलाइज्ड कोर्स होता है जिसे एमबीबीएस कंप्लीट करने के बाद ही किया जा सकता है। इस पोस्ट ग्रैजुएट कोर्स में स्टूडेंट को एनाटॉमी, रेडियोथेरेपी, जनरल मेडिसिन जैसे सब्जेक्ट्स की डीप नॉलेज दी जाती है ताकि डॉक्टर के तौर पर बीमारी को आसानी से पहचाना जा सके और इसका सही इलाज किया जा सके।

इस कोर्स की ड्यूरेशन तीन साल की होती है और ये कोर्स सिक्स सेमेस्टर में पूरा होता है जिसमें एक साल में दो सेमेस्टर होते हैं। इस कोर्स में लेक्चर्स और प्रैक्टिकल वर्क के अलावा सेमिनार्स, रिसर्च, थिसिस वर्क, ओरल एग्जामिनेशन और ग्रुप डिस्कशन शामिल होते हैं तो इस तरह डीप नॉलेज लेने के बाद एमडी स्टूडेंट्स हॉस्पिटल्स में सीनियर रेजिडेंस के तौर पर काम करते हैं। इस दौरान स्टूडेंट्स प्रैक्टिकल वर्क सीखते हैं और सीखे हुए को अप्लाई भी करते हैं।

एमडी का फुल फॉर्म क्या होता है – MD Ful Form In Hindi

MD Fu Form In Medical

मेडिकल में एमडी का फुल फॉर्म Doctor of Medicine है।

MD Fu Form In Business

बिज़नेस में एमडी का फुल फॉर्म Managing Director है।

MD Fu Form In Countries

देशों में एमडी का फुल फॉर्म Moldova है।

MD Fu Form In States & Districts

राज्य और जिले में एमडी का फुल फॉर्म Maryland है।

MD Fu Form In Electrical

विद्युतीय में एमडी का फुल फॉर्म Maximum Demand है।

MD Fu Form In Celebrities & Famous

मशहूर हस्तियों और प्रसिद्ध में एमडी का फुल फॉर्म Madhuri Dixit है।

MD Fu Form In Diseases & Conditions

रोग और स्थितियां में एमडी का फुल फॉर्म Muscular Dystrophy है।

एमडी बनने के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

एमडी के स्पेशलाइज्ड कोर्स होता है जिसे एमबीबीएस करने के बाद किया जा सकता है। इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए कैंडिडेट को नैशनल लेवल एंट्रेंस टेस्ट यानि की नीट, पीजी को क्लियर करना जरूरी होता है। जबकि कुछ फेमस मेडिकल कॉलेजेस जैसे कि एम्स, जीआईपी, एमटीआर का अपना अलग अलग एंट्रेंस टेस्ट होता है। इसके बाद मेरिट के बेस पर एडमिशन दिया जाता है। वैसे कुछ कॉलेजेस एडमिशन से पहले इंटरव्यू भी लिया करते हैं।

एमडी स्पेशलाइजेशन

एमडी इन कार्डियोलॉजी, एमडी इन एंडोक्राइन जूलॉजी, एमडी इन क्लीनिकल फार्माकोलॉजी, एमडी इन क्लीनिकल मेट्रोलॉजी, एमडी इन मेडिकल आंकोलॉजी, एमडी इन मेट्रोलॉजी, एमडी इन गैस्ट्रो एस्ट्रोलॉजी, एमडी इन यूरोलॉजी, एमडी इन नियोनेटल लॉजी, एमडी इन न्यूरो रेडियोलॉजी, एमडी इन पल्मोनरी मेडिसिन और एमडी इन मेडिकल गेस्ट्रो एस्ट्रोलॉजी।

एमडी कोर्स करने के लिए स्टूडेंट्स में क्या क्या स्किल्स होनी जरूरी है?

एमडी बनने के लिए जरूरी है कि स्टूडेंट मेडिकल इनोवेशंस टेक्नोलॉजी और इंस्ट्रूमेंट्स के प्रति अवेयर और अपटूडेट रहे ताकि वो बेहतर से बेहतर इलाज कर सकें। स्टूडेंट की कम्यूनिकेशन स्किल्स अच्छी होनी चाहिए क्योंकि इस कोर्स को करने के बाद उन्हें बहुत तरह के लोगों और पेशेंट्स को हैंडल करना होता है। इस पोजिशन पर बने रहने के लिए फिजिकल स्टेमिना ज्यादा होना चाहिए ताकि लंबे टाइम तक मरीजों का इलाज किया जा सके बल्कि पेशेंट्स और पोलाइट नेचर होना भी बहुत जरूरी है। ऐसा होने पर पेशेंट से डील करना बहुत आसान हो जाता है और खुद को ज्यादा थकान और मेंटल प्रेशर भी फील नहीं होता।

एमडी कर्स के फायदे

तो एमडी की स्पेशलाइज्ड कोर्स होता है और इस स्पेशलाइज्ड कोर्स में कैंडिडेट को ज्यादा सीखने का मौका मिलता है और वो अपने फील्ड का एक्सपोर्ट बनता है। ऐसे में एमडी यानी डॉक्टर ऑफ मेडिसिन को मिलने वाला फेम भी कहीं ज्यादा होता है। एमडी कोर्स करने के बाद डीएम और एमसीएच जैसे कोर्सेस भी किए जा सकते हैं।

एमडी कर्स के जॉब

तो चलिए अब बारी है ये जानने की कि डॉक्टर ऑफ मेडिसिन बनने के बाद यानी एमडी बनने के बाद किस किस एरिया में जॉब की जा सकती है। हॉस्पिटल्स, लैबोरेट्रीज, मेडिकल कॉलेजेस, हेल्थ सेंटर्स, नर्सिंग होम्स, पॉली क्लीनिक्स, प्राइवेट प्रेक्टिस, रिसर्च इंस्टिट्यूट्स और बायो मेडिकल कंपनीज।

एमएस और एमडी के बीच क्या अंतर होता है?

एमएस जनरल सर्जरी में मास्टर डिग्री होती है जबकि एमडी जनरल मेडिसिन में मास्टर डिग्री होती है। इन दोनों ही पोस्ट ग्रैजुएशन कोर्सेज में से किसी एक में एडमिशन लेने के लिए एमबीबीएस कोर्स कंप्लीट होना जरूरी होता है। एमएस में केवल सर्जिकल स्टडीज शामिल होती हैं जबकि एमडी में नॉन सर्जिकल स्टडीज शामिल होती है यानी जनरल फिजिशियन बनने के लिए कैंडिडेट का एमबीबीएस के बाद एमडी कोर्स करना होता है जबकि हार्ट सर्जन या न्यूरोसर्जन बनने के लिए एमएस कोर्स करना होगा।

एमडी की सैलरी कितनी होती है?

एमडी यानी डॉक्टर ऑफ मेडिसिन की सैलरी उसके एक्सपीरियंस स्किल्स और जॉब सेक्टर पर डिपेंड करती है। फिर भी अंदाजे से यह बताया जा सकता है कि एमडी की सेलरी लग भाग 6 से 10 लाख पर मंथ हो सकती है।

Author

Hi, I'm Mantu Sing, में hindimepro.in वेबसाइट का संस्थापक हूं। में इस वेबसाइट में जीबनी परिचय, फुल फॉर्म, जानकारी के बारे में पोस्ट लिखता हूं।

Write A Comment