हेलो दोस्तो कैसे हो आप लोग उम्मीद करता हूं आप सब अच्छे होंगे। आप सभी को HindiMePro वेबसाइट में स्वागत है। आज फिर से आपके लिए और एक नया पोस्ट लेके आया हूं आज में आपको जी.एस.टी क्या है, जी.एस.टी का पूरा नाम क्या है ( GST Full Form In Hindi ), जी.एस.टी के प्रकार के बारे में बताऊंगा तो चलिए जानते है।

जी.एस.टी क्या है?

जी.एस.टी का फुल फॉर्म है Good And Service Tax. ये एक अप्रत्यक्ष टेक्स है। जी.एस.टी के अंतर्गत वस्तुओं और सेवाओं पर एक समान टैक्स लगाया जायेगा। राज्य सभा और लोक सभा दोनों में ही जी.एस.टी बिल पास हो गया है अब 4 जुलाई 2017 से पुरे भारत में हर सामान और हर सेवा पर सिर्फ और सिर्फ एक ही टैक्स लगेगा यानी वैट, एक्साइज और सर्विस टैक्स जैसे करों की जगह पर सिर्फ एक ही टैक्स जी.एस.टी लगेगा।

यानि की अब वेट टैक्स एक्साइज ड्यूटी और सर्विस टैक्स जैसे करों की जगह पर सिरपुर सिर्फ एक टैक्स लगेगा जो कि जी.एस.टी रहेगा। दूसरा जी.एस.टी लाने से पहले हम किसी भी प्रोडक्ट या सर्विस या सेवा को लेते समय या खरीदते समय अलग प्रकार के टेक्स गवर्नमेंट को देते थे जो की कई सारे होते थे।

जी.एस.टी का फुल फॉर्म – GST Full Form In Hindi

  1. GST Full Form In Hindi – Goods and Services Tax
  2. GST Full Form In English – वस्तु एवं सेवा कर
  3. GST Full Form In Marathi – वस्तू आणि सेवा कर
  4. GST Full Form In Gujrati – માલ અને સેવાઓ કર

जी.एस.टी से पहले टैक्स सिस्टम क्या होता था?

तो अब हम जानते हैं कि जी.एस.टी से पहले लगने वाला टैक्स सिस्टम क्या होता था और कैसे टैक्स लगते थे। कौन कौन सी टेक्स लगते थे जिससे जी.एस.टी समझने में आसान रहेगा।

इससे पहले हम गारमेंट को दो प्रकार के टेक्स्ट देते थे डायरेक्ट टैक्स और इनडायरेक्ट टैक्स अब डायरेक्ट टैक्स आतंगत कोई और टैक्स आते हैं इनकम टैक्स, कैपिटल गेन टैक्स, सिक्युरिटी काउंसिल टैक्स, परकिसी टैक्स और कॉर्पोरेट टैक्स और इसके बाद इनडायरेक्ट टैक्स जो रहता था उसके अंदर आते थे आदतें सेल टैक्स, सर्विस टैक्स, वैल्यू एडेड सर्विस टैक्स इसको हाम बेट बोलते हैं कस्टम ड्यूटी और एक्साइज ड्यूटी ये सारे इनडायरेक्ट टैक्स होते हैं।

इसके अलावा भी और सारे टैक्स रहते थे जिनको बोलते पॉपुलेशन टैक्स, डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स, मुंशी पर टैक्स, एंटरटेनमेंट टैक्स, स्टैम्प ड्यूटी इन्वेस्टमेंट पीस ट्रांसपोर्ट टैक्स, एजुकेशन टैक्स, सरचार्ज टैक्स गिफ्ट टैक्स, वेल्थ टैक्स, टोल टैक्स और इंट्री टैक्स इतने सारे टैक्स रहते जिनको हमको कहीं ना कहीं देना ही पड़ता था।

जी.एस.टी किन किन वस्तुओं पर लागु होगा?

अब हम जानते हैं कि किन प्रोडक्ट पर लागू हुआ जीएसटी। दोस्तो संविधान के 122वें संसोधन के मुताबिक जीएसटी सभी तरह की सेवाओं और वस्तुओं या प्रोडक्ट पर लागू होगा। सिर्फ अल्कोहल यानी कि शराब इस टैक्स से बाहर होगी। दूसरा जीएसटी बिल के लागू होने से किसी भी वस्तु पर केवल एक ही बार टैक्स लगेगा और वो भी सिर्फ प्रोडक्ट की एमआरपी पर जो कि अब घटकर 17 से 20 पर्सेंट पर आ जाने की संभावना है। इससे पहले जो टैक्स लगता टोटल मिलाकर 30 से 45 पर्सेंट तक पहुंचाता था।

जी.एस.टी के प्रकार

जी.एस.टी तीन प्रकार का होता है। पहलाा सीजीएसटी जिसको हम सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स कहते है। दूसरा एसजीएसटी जिसको हाम स्टेट गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स और तीसरा होगा आईजीएसटी जिसको हाम इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विस टैक्स कहते है।

सीजीएसटी जो टैक्स रहेगा वो सेंट्रल गवर्नमेंट में लगेगा। एसजीएसटी टैक्स रहेगा स्टेट गवर्नमेंट में मतलब कि आप जब कुछ सामान कुछ अपनी एस्टेट में एक शिफ्ट में खरीदा या बेचा जाएगा तो वहां एसजीएसटी लगेगा और जब किसी एक स्टेट का सामान दूसरे में बेचा जाएगा या दूसरी से खरीदा जाएगा कहने का मतलब एक स्टेट से दूसरे स्टेट के अंदर बिजनेस करेंगे तब आईजीएसटी लगेगा।

आज हमने क्या सीखा

आज की पोस्ट में हमने जी.एस.टी क्या है, जी.एस.टी का फुल फॉर्म ( GST Full Form In Hindi ) बारे में जाना है। उम्मीद करता हूं ये पोस्ट आपको अच्छा लगा होगा अच्छा लगा हो तो इस पोस्ट को आप अपनी दोस्तो के साथ जरूर शेयर कर देना उनको भी पता चले की जी.एस.टी के बारे में । जय हिन्द।

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Hi, I'm Mantu Sing, में hindimepro.in वेबसाइट का संस्थापक हूं। में इस वेबसाइट में जीबनी परिचय, फुल फॉर्म, जानकारी के बारे में पोस्ट लिखता हूं।

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