हेलो दोस्तो कैसे हो आप लोग उम्मीद करता हूं आप सब अच्छे होंगे। आप सभी को HindiMePro वेबसाइट में स्वागत है। आज फिर से आपके लिए और एक नया पोस्ट लेके आया हूं। आज में आपको बीएससी बारे में बताऊंगा की बीएससी क्या है, बीएससी का पूरा नाम क्या है ( BSC Full Form In Hindi ), बीएससी कैसे करे इन सबके बारे में जानेंगे।

स्कूलिंग पूरी होते होते ये टेंशन होने लगती है कि अब आगे क्या करें। यानी टेन प्लस टू कंप्लीट करने के बाद आगे क्या किया जाए कौनसा कोर्स चूज करें। वैसे बहुत सारे सवाल हर स्कूल जाने वाले स्टूडेंट के दिमाग में घूमते रहते हैं। वैसे आजकल सिचुएशन पहले से काफी चेंज हो गई है क्योंकि स्टूडेंट्स को क्लास नाइंथ से ही ये पता होता है कि उन्हें कौन से सब्जेक्ट्स में डिग्री लेनी है और उसका स्कोप क्या रहने वाला है। कोई भी अंडर ग्रेजुएट डिग्री आपके टेन प्लस टू की स्क्रीन पर डिपेंडेंट होती है यानी अगर आप साइंस स्ट्रीम से हैं तो अब ग्रेजुएशन भी साइंस के किसी सब्जेक्ट से करेंगे और आर्ट्स या कॉमर्स स्ट्रीम से हैं तो अपनी ग्रेजुएशन इन्हीं स्ट्रीम्स में पूरा करेंगे।

हालांकि नई एजुकेशन पॉलिसी लागू होने के बाद ये सिनेरियो काफी चेंज हो जाएगा लेकिन उसके लागू होने तक हमें इसी बारे में जानना होगा। इसलिए आज हम आपके लिए ऐसा कोर्स लेकर आई है जो साइंस स्टूडेंट्स के बीच में सबसे ज्यादा पॉपुलर कोर्स होता है और इस कोर्स का नाम है बीएससी जिसमें बहुत सारे आप्शन सोर्स को छुपा है। इसलिए आज के पोस्ट में आपको बीएससी कोर्स के बारे में सारी जानकारी इन्फॉर्मेशन मिलने वाली है। आप इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़िए। तो चलिए शुरू करते हैं मोस्ट पॉपुलर बीएससी कोर्स के बारे में जानते हैं।

बीएससी कर्स क्या होता है?

बीएससी यानी बैचलर आफ साइंस। ये एक अंडर ग्रेजुएट डिग्री कोर्स होता है जिसकी ड्यूरेशन तीन साल होती है। साइंस फील्ड में अपना करियर बनाने का इरादा रखने वाले स्टूडेंट्स के लिए इस कोर्स को फाउंडेशन कोर्स भी माना जाता है। इस कोर्स की खासियत ये है कि ये अंडर ग्रेजुएट कोर्स इंडिया की ज्यादातर यूनिवर्सिटीज में बहुत सारे सब्जेक्ट ऑप्शंस के साथ आसानी से मिल जाता है। परिजन काफी है इस कोर्स की इम्पॉर्टेंस को समझने के लिए इस डिग्री कोर्स को करने के बाद स्टूडेंट्स के पास रिसर्च एंड डेवलपमेंट फील्ड में स्कॉलरशिप पाने के कई सारे रास्ते भी खुल जाते हैं।

बीएससी कोर्स का एरिया बहुत ही वाइड होता है लेकिन अगर जनरल बीएससी कोर्स की बात करें तो इसको उसमें आप पीसीएम या पीसीबी में से कोई भी एक ऑप्शन चूज कर सकते हैं। यानी अगर आप ट्वेल्थ क्लास साइंस मैथ से कंप्लीट कर चुके हैं तो आपको बीएससी जनरल में पीसीएम का आप्शन मिलेगा जिसमें आप फिजिक्स केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स सब्जेक्ट्स की स्टडी करेंगे।

अगर आपने ट्वेल्थ क्लास साइंस बायलॉजी से पास की है तो बीएससी जनरल में आप पीसीबी यानी फिजिक्स केमिस्ट्री और बायोलॉजी सब्जेक्ट्स पढ़ेंगे। पीसीबी को सीबीजेड भी कहा जाता है और बीएससी जनरल कोर्स को बीएससी पास कोर्स भी कहते हैं। ये बीएससी जनरल कोर्स फिजिक्स मैथ्स केमिस्ट्री लाइफ साइंसेस बायलॉजी और कंप्यूटर साइंस सब्जेक्ट्स की बेसिक फाउंडेशन को तैयार करता है। इसको उसके कोर सब्जेक्ट्स फिजिक्स केमिस्ट्री बायोलॉजी और मैथमैटिक्स होते हैं और जनरल बीएससी के तीन सब्जेक्ट्स में से इन कोर सब्जेक्ट्स के अलावा पूर्ण साइंस और स्टैटिक्स जैसे सब्जेक्ट्स भी स्टडी किये जा सकते हैं। अक्सर बीएससी जनरल और बीएससी ऑनर्स में कन्फ्यूजन फील होता है।

BSC Full Form – BSC का फुल फॉर्म क्या है?

BSC Full Form In Academic Degrees

शैक्षणिक डिग्री में BSC का फुल फॉर्म Bachelor of Science है।

BSC Full Form In Business Management

व्यवसाय प्रबंधन में BSC का फुल फॉर्म Balanced Score Card है।

BSC Full Form In Football

फ़ुटबॉल में BSC का फुल फॉर्म Barcelona Sporting Club है।

BSC Full Form In Research & Development

अनुसंधान एवं विकास में BSC का फुल फॉर्म Barcelona Supercomputing Center है।

BSC Full Form In Medical Organizations

चिकित्सा संगठन में BSC का फुल फॉर्म British Society of Cinematographers है।

BSC Full Form In General Computing

सामान्य कम्प्यूटिंग में BSC का फुल फॉर्म Binary Symmetric Channel है।

BSC Full Form In Protocols

प्रोटोकॉल में BSC का फुल फॉर्म Binary Synchronous Communication है।

BSC Full Form In Laboratory

प्रयोगशाला में BSC का फुल फॉर्म Biological Safety Cabinet है।

BSC Full Form In Communication

संचार में BSC का फुल फॉर्म Base Station Controller है।

BSC Full Form In Universities & Institutions

विश्वविद्यालयों और संस्थानों में BSC का फुल फॉर्म Bismarck State College है।

बीएससी कर्स की प्रकार

तो आइये इनके बीच के डिफरेंस को समझते हैं बीएससी डिग्री दो टाइप्स की होती है बीएससी ऑनर्स और बीएससी जनरल जिसे सिम्पल बीएससी भी कह दिया जाता है। इन दोनों ही कोर्सेस की ड्यूरेशन जनरली तीन साल होती है लेकिन कुछ यूनिवर्सिटीज में ये ड्यूरेशन तीन साल से भी ज्यादा हो सकती है। डिस्टेंस एजुकेशन से कोर्स करने पर ये ड्यूरेशन बढ़ जाती है।

बीएससी जनरल एक ऑर्डिनरी कोर्स यानि की साधारण कोर्स है जबकि बीएससी ऑनर्स एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी कोर्स माना जाता है। बीएससी जनरल में तीन सब्जेक्ट्स की स्टडी की जाती है और ये कोर्स साइंस के तीन सब्जेक्ट्स पीसीबी या पीसीएम हो सकते हैं। उनके बारे में फाउंडेशन नॉलेज प्रोवाइड कराता है। इसको उसमें साइंस के तीनों सब्जेक्ट्स को इक्वल कवर किया जाता है जबकि बीएससी ऑनर्स कोर्स एडवांस्ड थ्योरिटिकल प्रैक्टिकल और रिसर्च स्किल्स पर बेस्ड होता है और एक मेजर सब्जेक्ट एरिया पर ज्यादा फोकस करता है। जैसे बीएससी बॉटनी बीएससी जूलॉजी बीएससी मैथमैटिक्स बीएससी फिजिक्स बीएससी केमिस्ट्री बीएससी बायो टेक्नोलॉजी बीएससी माइक्रोबायोलॉजी बीएससी जियोलॉजी बीएससी होमसाइंस।

बीएससी कर्स की क्राइटेरिया

क्राइटेरिया की बात की जाए तो बीएससी जनरल कोर्स के लिए अप्लाई करने के लिए बेसिक क्राइटेरिया है। क्लास ट्वेल्थ में 50 से 60 प्रतिशत मार्क्स होना इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट के पास क्लास ट्वेल्थ में फिजिक्स केमिस्ट्री और बायलॉजी जैसे कोर सब्जेक्ट्स होने चाहिए। हर कॉलेज का बीएससी कोर्स के लिए क्राइटेरिया अलग अलग हो सकता है और उस कॉलेज की रिक्वायरमेंट कटऑफ से स्टूडेंट का स्कूल मार्च होने पर ही उसे एडमिशन मिलता है। इस कोर्स को कोई टाइम के अलावा पार्ट टाइम में भी कंप्लीट किया जा सकता है। बीएससी जनरल कोर्स डिस्टेंस एजुकेशन के जरिए भी पूरा किया जा सकता है।

बीएससी कर्स की एडमिशन प्रोसेस

एडमिशन प्रोसेस की बात की जाए तो बीएससी जनरल कोर्स में। इसके लिए कई सारी यूनिवर्सिटीज में एंट्रेंस टेस्ट होते हैं जबकि बहुत सी यूनिवर्सिटीज में टेन प्लस टू फाइनल एग्जाम के मार्क्स के बेस पर बनी मेरिट के अकॉर्डिंग एडमिशन दिए जाते हैं।

बीएससी कर्स की फाइदा

इस कोर्स को करने के बेनिफिट्स की बात की जाए तो बीएससी डिग्री कंप्लीट करने के बाद एक स्टूडेंट में रिसर्च स्किल्स एनालिटिकल स्किल्स आब्जर्वेशन स्किल्स साइंटिफिक स्किल्स लॉजिकल स्किल्स एक्सपेरिमेंटल स्किल्स और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स डेवलप हो जाती है। ऐसे स्टूडेंट्स जो फ्यूचर में मल्टी इंटर डिसिप्लिनरी करियर को पड़ोसियों करना चाहते हैं उन्हें इस डिग्री कोर्स को प्रिफरेंस देनी चाहिए।

बीएससी ग्रैजुएट्स केवल साइंस रिलेटेड जॉब ही कर सकते हैं ऐसा कोई इंस्ट्रक्शन नहीं होता। एक बीएससी ग्रैजुएट मैनेजमेंट इंजिनियरिंग लॉज जैसी फील्ड्स में भी आसानी से बॉर्डर स्टडी भी कर सकता है और जॉब भी पा सकता है। जहां तक करियर ऑप्शंस की बात है तो बीएससी जनरल कोर्स ऐसे स्टूडेंट्स के लिए बहुत ही बेनिफिट गलत साबित होता है जो आगे एमएससी और पीएचडी करना चाहते हैं और एकेडमिक और रिसर्च फील्ड में अपना करियर बनाना चाहते हैं।

बीएससी की डिग्री लेने के बाद एमबीए यानी मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री और प्रफेशनल डिप्लोमा कोर्सेस भी किए जा सकते हैं। आप जनरल बीएससी डिग्री लेने के बाद प्रोजेक्ट और रिसर्च असिस्टेंट जैसी रिसर्च बेस्ड जॉब भी कर सकते हैं। टीचर का प्रोफेशन भी आप चुन सकते हैं। एजुकेशन काउंसलर कंसल्टेंट और एनालिस्ट जैसे करियर ऑप्शंस भी आप चुन सकते हैं। बीएससी ग्रैजुएट्स बैंकिंग सेक्टर में भी वह कर सकते हैं। बैंक सिविल सर्विस एग्जाम और अदर गवर्मेंट एग्जाम्स देकर अच्छी पोस्ट पर गवर्मेंट जॉब भी कर सकते हैं।

बीएससी जॉब की सैलरी

बीएससी जनरल कोर्स करने के बाद जॉब में मिलने वाली सैलरी आपके जॉब ऑप्शन और रिलेटेड सेक्टर पर डिपेंड करेगी जिसमें बहुत सारे वैरिएशन भी हो सकते हैं। जिस स्कूल टीचर के तौर पर आप फ्रेशर के रूप में 1.8 लाख पर एनम सैलरी से शुरुआत कर सकते हैं और प्रॉजेक्ट असिस्टेंट के रूप में 2 लाख पर एनम सैलरी पा सकते हैं।

आज हमने क्या सीखा

आज की पोस्ट में हमने बीएससी क्या होता है, बीएससी का पूरा नाम क्या है ( BSC Full Form In Hindi ), बीएससी कर्स का फाइदा के बारे में जाना। उम्मीद करता हूं ये पोस्ट आपको अच्छा लगा होगा अच्छा लगा हो तो इस पोस्ट को आप अपनी दोस्तो के साथ जरूर शेयर कर देना उनको भी पता चले की बीएससी कर्स क्या होता है। जय हिन्द।

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Hi, I'm Mantu Sing, में hindimepro.in वेबसाइट का संस्थापक हूं। में इस वेबसाइट में जीबनी परिचय, फुल फॉर्म, जानकारी के बारे में पोस्ट लिखता हूं।

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