आपको HindiMePro वेबसाइट में स्वागत है। इस पोस्ट में मेने बीकॉम कर्स क्या है, B.COM Full Form In Hindi, B.COM Full Form, बीकॉम का फुल फॉर्म क्या है, बीकॉम का मतलब क्या है, बीकॉम में किसके बारे में पढ़या जाता है, बीकॉम कोर्स के योग्यता क्या होना चाइये, बीकॉम के लिए एडमिशन प्रोसेस, बीकॉम कर्स की फीस, बीकॉम करने का फायदा क्या क्या होता है इन सबके बारे में बताया है।

बीकॉम कर्स क्या है?

बीकॉम का फुल फॉर्म Bachelor of Commerce है। बीकॉम एक अंडर ग्रैजुएट कोर्स है जो कि पूरे 3 साल का होता है और 3 साल के अंदर इसमें पूरे 6 सेमेस्टर होते हैं।

ये जो कोर्स हैं आपको आल मोस्ट सभी यूनिवर्सिटीज और सभी कॉलेज में मिल जाएगा। जिन स्टूडेंट्स के पास 11th और 12th क्लास में कॉमर्स स्ट्रीम होता है उन स्टूडेंट्स के लिए ये कोर्स सबसे पहला ऑप्शन होता है और सबसे बेस्ट ऑप्शन होता।

B.COM Ka Full Form In Hindi – बीकॉम का फुल फॉर्म क्या है?

B.COM Full Form In Academic Degrees

शैक्षणिक डिग्री में बीकॉम का फुल फॉर्म Bachelor of Commerce है।

B.COM Full Form In Universities & Institutions

विश्वविद्यालयों और संस्थानों में बीकॉम का फुल फॉर्म British College of Osteopathic Medicine है।

बीकॉम में किसके बारे में पढ़या जाता है?

बीकॉम कमर्शियल में एक ग्रैजुएशन डिग्री है जिसे कंप्लीट करने के बाद आप ग्रैजुएट हो जाते हैं। आप ग्रेजुएट कहलाने लगते हैं और अगर बात की जाए की इस कोर्स में आपको किस चीज की जानकारी दी जाती है तो इस कोर्स में स्टूडेंट्स को मार्केटिंग, बिजनेस मैनेजमेंट, स्टेटिस्टिक्स, इकोनॉमिक्स, फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्स और अकाउंटिंग इन्हीं सब चीजों के बारे में आपको इस कोर्स में जानकारी दी जाती है।

बीकॉम कोर्स के योग्यता क्या होना चाइये?

सबसे पहली योग्यता तो आपको 12th पास होना चहिए और वो भी साथ में साइंस स्ट्रीम के साथ। अगर आप एक कॉमर्स स्ट्रीम के स्टूडेंट्स है तभी आप इस कोर्स को कर सकते हैं और अगर आप पीसीएम के स्टूडेंट हैं तब भी आप इस कोर्स को कर सकते हैं क्योंकि इस कोर्स के लिए आपके पास मैथ्स सब्जेक्ट होना बेहद जरूरी है।

पीसीएम स्टूडेंट के पास मैथ्स सब्जेक्ट होता है इसलिए वो इस कोर्स को कर सकते हैं। अगर आप कॉमर्स के स्टूडेंट है तभी आप इसे कर सकते हैं। अगर आप साइंस के स्टूडेंट्स इसे कर सकते हैं। और इस कोर्स को करने के लिए आपके पास 12th में कम से कम 45 से 50 परसेंट होने जरूरी है अगर आपके 45 पर्सेंट 12th में आए थे तब भी आप इस कोर्स को कर सकते हैं इसमें एडमिशन ले सकते हैं। और इसके बाद अगर आप सिर्फ 10th पास हैं आपने सिर्फ 10th पास की है और 10th पास करने के बाद आपने दो या तीन साल का कोई भी डिप्लोमा कोर्स किया है तो आप इस कोर्स को कर सकते हैं।

और इस कोर्स को आप करेस्पोंडेंस से भी कर सकते हैं। यानि की अगर आपके पास डेली कॉलेज जाने का टाइम है तब आप इस कोर्स को रैगुलर ही कीजिए। लेकिन अगर आप डेली कॉलेज नहीं जा सकते और आपको डिस्टेंस से इस कोर्स को करना है फिर भी आप इस कोर्स को कर सकते हैं डिस्टेंस से डिस्टेंस से इस कोर्स को करने के लिए आपके पास कम से कम 50 से 60 परसेंट होना जरूरी है।

बीकॉम के लिए एडमिशन प्रोसेस

उसका एडमिशन प्रोसेस होता है वो दो तरीके का होता है। एक होता है मेरिट बेस्ड और दूसरा होता एंट्रेंस एग्जा। ज्यादातर कॉलेज में आपको इस कोर्स में मैरिट बेस्ड एडमिशन ही मिलेगा यानिकि 12th के मार्क्स के आधार पर ही आपको एडमिशन मिल जाएगा। लेकिन कुछ ऐसे भी कॉलेज हैं जो अपने कॉलेज के लिए एंट्रेंस एग्जाम करवाते हैं तो आपको अगर उन कॉलेज में एडमिशन लेना है तो फिर आपको एंट्रेंस एग्जाम देना बेहद जरूरी है।

आप जिस किसी कॉलेज में एडमिशन लेने वाले हैं वहां पर पहले आप ये पता कर लीजिएगा कि वहां एडमिशन प्रॉसेस क्या है। मेरिट बेस्ड या फिर एंट्रेंस एग्जाम होता है। अगर एंट्रेंस एग्जाम होता है तो फिर आपको पहले एंट्रेंस एग्जाम देना होगा।

बीकॉम कर्स की फीस

तो कॉलेज फीस में हम दोनों ही कॉलेज के बारे में बात करेंगे प्राइवेट कॉलेज के बारे में भी और गवर्मेंट कॉलेज के बारे में भी । तो प्राइवेट कॉलेज में तो हर कॉलेज में इसकी फीस अलग अलग होती है। लगभग आपका प्रायवेट कॉलेज में जो फीस जाएगा वो 10 हजार से 1 लाख तक जा सकता है और आपका ये जो फीस मैंने बताया है ये सिर्फ एक साल का है जबकि बीकॉम कोर्स तीन साल का होता है।

और अगर यही हम बात करें गवर्मेंट कॉलेज की फीस के बारे में तो गर्वमेंट कॉलेज में आपका 5 हजार से 7 हजार जायेगा आपका हर साल का तो गवर्मेंट कॉलेज में एडमिशन लेते हैं तो आपकी फीस प्राइवेट कॉलेज से कुछ कम लगेगी।

बीकॉम कर्स के सिलेबस

इस कोर्स का सिलेबस सेमेस्टर वाइज डिवाइड होता है। आपको बताएं कि ये कोर्स पूरे 3 साल का होता और 6 सेमेस्टर होते हैं। तो 6 सेमेस्टर के हिसाब से इसका कोर्स डिवाइड होता है।

बीकॉम में आपको इंग्लिस, बिजनेस लॉ, इन्कम टैक्, फाइनेंस मैनेजमेंट, मार्केटिंग मैनेजमेंट, बैंकिंग लॉ, इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर, लेबर लॉ, इकोनॉमिक्स, पर्सनल मैनेजमेंट, स्टेटिस्टिक्स ये सारे सब्जेक्ट पढ़ाए जाते हैं। इसके साथ आपको कॉस्ट अकाउंटिंग भी पढ़ाई जाती है तो आपको बीकॉम में कुछ इस टैब के सब्जेक्ट पढ़ने को मिल जाते हैं।

बीकॉम में आपको लगभग 5 से 7 सब्जेक्ट पढ़ाए जाते हैं और यह सब्जेक्ट आपके कॉलेज पर डिपेंड करता है कि आपके कॉलेज में कौन कौन से सब्जेक्ट एवेलेबल हैं। बीकॉम में खासकर मैथ्स अकाउंट्स और इकोनॉमिक्स पर ज्यादा फोकस किया जाता है।

बीकॉम करने का फायदा क्या क्या होता है?

जो स्टूडेंट्स साइंस वर्ल्ड में नहीं जाना चाहते हैं उन स्टूडेंट्स के लिए यह कोर्स काफी अच्छा है और इसे करने के बाद आपके पास बहुत सारे जॉब ओप्पोर्टनिटी होते हैं। जैसे की आपको मालूम है बीकॉम एक अंडरग्रेजुएट कोर्स। जब आप इस कोर्स को कंप्लीट कर लेते हैं। इसके बाद आप कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स भी दे सकते हैं। आप उन सभी कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स को तो देख ही सकते हैं जिनमें ग्रैजुएशन एलिजिबिलिटी मांगा जाता है।

तो अगला फायदा ये है कि कॉम्पिटिटिव एग्जाम क्लियर करके आप गवर्मेंट जॉब पा सकते हैं। इसके अलावा इसके और भी कई फायदे हैं जैसे कि बीकॉम कंप्लीट करने के बाद आप डायरेक्ट जॉब बिगड़ सकते हैं। अगर आप चाहें तो अपनी स्टडी भी जारी रख सकते हैं। जॉब में जैसे कि मार्केटिंग, ऑफिस असिस्टेंट, अकाउंटेंट इस टाइप के आपको प्राइवेट जॉब मिल जाएंगे इस कोर्स को कंप्लीट करने के बाद। तो अगर आपको हाई लेवल की जॉब चाहिए फिर आपको बीकॉम के बाद हायर स्टडीज भी करनी होगी। जैसे कि एमकॉम, एमबीए, एमसीए आप इन सभी कोर्स में से किसी को कर सकते हैं।

इस कोर्स को करने के बाद आप ग्रैजुएट कहलाते हैं। ये तो आपको पता चल गया होगा। अगर आप बीकॉम किसी अच्छे कॉलेज यानि की रिपोर्टड कॉलेज से करते हैं तब आपको किसी भी कंपनी में अच्छी सैलरी पर ज्वाइन कर लिया जाएगा।

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